न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों के चयन और एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए रविवार को मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अहम बैठक बुलाई गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक में जदयू के कई वरिष्ठ नेता और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि चुनावी समीकरण और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रही है।
हाईलाइट्स –
- विधान परिषद चुनाव को लेकर आज जदयू की अहम बैठक।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे उम्मीदवारों के नामों पर मंथन।
- एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय माना जा रहा है।
- जदयू के खाते में 4 सीटें आने की संभावना।
- स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नाम संभावित उम्मीदवारों में सबसे आगे।
- सामाजिक समीकरण के आधार पर बाकी उम्मीदवारों के चयन की तैयारी।
एनडीए में सीट शेयरिंग लगभग तय, जदयू को मिल सकती हैं चार सीटें
सूत्रों की मानें तो 18 जून को प्रस्तावित विधान परिषद चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीटों के बंटवारे का खाका लगभग तैयार हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि जून के पहले सप्ताह में गठबंधन की ओर से सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 10 सीटों में से चार सीटें जदयू के हिस्से में आ सकती हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और चुनावी रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री का नाम सबसे आगे, सामाजिक समीकरण पर रहेगा फोकस
जदयू के अंदर उम्मीदवारों के चयन को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का नाम लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार बनाया जा सकता है। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। वहीं शेष सीटों के लिए पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दे सकती है। पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक और संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को मौका देने पर विचार किया जा रहा है। संभावित नामों में ललन मंडल, चंदेश्वर चंद्रवंशी, राजीव कुमार सिंह, हर्षवर्धन सिंह और गुलाम रसूल बलियावी शामिल बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 जून से शुरू होकर 8 जून तक चलेगी, ऐसे में जदयू समेत सभी दलों के सामने उम्मीदवारों के चयन को लेकर समय काफी सीमित है।
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