न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और लाइब्रेरियनों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार जल्द ही नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत लगभग 5.80 लाख शिक्षाकर्मियों को ऐच्छिक तबादले का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग की द्वारा तैयार की गई नई ट्रांसफर पॉलिसी अगले कुछ दिनों में लागू होने की संभावना है। स्थानांतरण की प्रक्रिया जून महीने के अंदर ही शुरू कर दी जाएगी।
नहीं होगा जबरन तबादला
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों का तबादला पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। यानी सिर्फ वही शिक्षक आवेदन करेंगे जो अपने वर्तमान कार्यस्थल से दूसरे विद्यालय में जाना चाहते हैं। सरकार की ओर से किसी भी शिक्षक का अनिवार्य या जबरन तबादला नहीं होगा। जो शिक्षक वर्तमान विद्यालय में कार्यरत रहना चाहते हैं, वे बिना किसी बाधा के वहीं सेवा जारी रख सकते हैं। नई नीति में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता निर्धारित की गई है। महिला शिक्षकों को उनकी वर्तमान पंचायत के समीप स्थित पंचायतों के विद्यालयों में पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं पुरुष शिक्षकों को उनके वर्तमान प्रखंड से सटे हुए किसी अन्य प्रखंड के विद्यालय में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। इससे शिक्षकों को घर के नजदीक कार्य करने की सुविधा मिल सकेगी और आवागमन संबंधी समस्याएं भी कम होंगी।
स्थानांतरण नियमावली का मसौदा रेडी
शिक्षा विभाग ने नई स्थानांतरण नियमावली का मसौदा रेडी है। अब इसे सिर्फ राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी का इंतजार है। आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद विभाग एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा, जहां इच्छुक शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग का लक्ष्य जून के अंतिम सप्ताह तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर स्थानांतरण का आदेश जारी करना है। इस बार की नीति में एक महत्वपूर्ण प्रावधान म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) का भी होगा। अगर दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के कार्यस्थल पर जाना चाहते हैं, तो उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे कई शिक्षकों की वर्षों पुरानी स्थानांतरण संबंधी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। राज्य के सभी सरकारी शिक्षकों को इस स्थानांतरण अभियान में शामिल किया जाएगा। इसमें बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त शिक्षक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और लाइब्रेरियन भी शामिल होंगे। खास बात यह है कि बीपीएससी टीआरई-3 के तहत हाल ही में नियुक्त शिक्षकों को भी अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
