आधार कार्ड और वोटर आईडी के EPIC नंबर को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
न्यूज11 भारत/पटना डेस्क: आधार कार्ड और वोटर आईडी के EPIC नंबर को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘गहरी साजिश’ वाले आरोप पर जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने पलटवार किया है।
उन्होंने राहुल गांधी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाना है, ताकि कोई बिचौलिया इसका फायदा नहीं उठा सके।
ललन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) के तहत प्रशिक्षणार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए EPIC नंबर और बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन का इस्तेमाल किया जाएगा।
ललन सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने में महारत हासिल है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायत से जुड़े लोगों को जरूरी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
इसके तहत प्रशिक्षण लेने वाले लोगों की पहचान के लिए EPIC नंबर और बायोमेट्रिक आधारित आधार सत्यापन की व्यवस्था अपनाई जाएगी। ललन सिंह ने कहा कि इसे सरकारी योजनाओं के लाभ से जोड़कर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने बताया था अधिकारों की चोरी की साजिश
दरअसल, ललन सिंह के बयान के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इसे केवल वोट चोरी नहीं, बल्कि अधिकारों की चोरी से जुड़ा मामला बताया था।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अगर सरकारी योजनाओं का लाभ आधार के बजाय वोटर आईडी से तय होने लगा तो इसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने आशंका जताई कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ भी वोटर लिस्ट में नाम होने से जोड़ दिया जाएगा।
