बिहार में सड़क निर्माण और नदियों की सफाई को लेकर एक बड़ी पहल की गई है।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: बिहार में सड़क निर्माण और नदियों की सफाई को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। अब राज्य की नदियों और जलाशयों से निकाली जाने वाली गाद (सिल्ट) का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इसको लेकर बिहार सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच समझौता हुआ है। मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में इस करार पर हस्ताक्षर किया गया है।
इस पहल से एक साथ दो बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है। पहला, नदियों से गाद निकालने पर जलप्रवाह बेहतर होगा और बाढ़ की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। दूसरा, निकाली गई गाद का उपयोग सड़क निर्माण में होने से निर्माण कार्यों की लागत और मिट्टी की जरूरत कम हो सकती है।
नदियों की गाद से मजबूत होगा सड़क नेटवर्क
समझौते के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से नदियों से गाद निकालने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेगा। निकाली गई उपयुक्त गाद का इस्तेमाल बिहार में बन रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में किया जाएगा। इससे सड़कों को ऊंचा करने और निर्माण कार्यों में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार की गाद नीति से दूसरे राज्यों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों में जमा होकर बाढ़ का कारण बनने वाली गाद अब विकास की नींव बनेगी। इस पहल से नदी पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
835 लाख घन मीटर गाद के इस्तेमाल का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की कई नदियों में एक-दो नहीं, बल्कि 10-10 मीटर तक गाद जमा है। इससे नदियों का जलप्रवाह प्रभावित होता है। अब इसी गाद का उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने इसे बिहार के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे आधारभूत संरचना के निर्माण को नई गति मिलेगी।
समझौते के तहत फिलहाल 16 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में नदियों से निकाली गई 243 लाख घन मीटर गाद का निःशुल्क उपयोग किया जाएगा। वहीं, भविष्य की 27 परियोजनाओं में अनुमानित 835 लाख घन मीटर गाद के इस्तेमाल का प्रस्ताव है।
बिहार में हजारों करोड़ की सड़क परियोजनाओं पर काम
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, बिहार में फिलहाल करीब 1,561 किलोमीटर लंबाई की 39 NHAI परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत 58,340 करोड़ रुपये है। इसके अलावा करीब 1,982 किलोमीटर लंबाई की 11 नई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी अनुमानित लागत 1,85,200 करोड़ रुपये है।
इस समझौते से सड़क निर्माण के लिए प्राकृतिक ऊपरी मिट्टी पर निर्भरता कम करने, निर्माण लागत घटाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही नदियों से गाद निकालने के दौरान पर्यावरणीय संतुलन और वैज्ञानिक मानकों का पालन करना भी महत्वपूर्ण होगा।
