बिहार के लखीसराय जिले में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का एक और खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
सरफराज आलम/लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का एक और खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कजरा थाना क्षेत्र के उरैन गांव में खेत में काम कर रहे करीब 50 वर्षीय किसान त्रिलोकी यादव की 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन नंगे तार की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है।
खेत में काम करते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 10 बजे त्रिलोकी यादव अपने घर के पास स्थित बाड़ी (खेत) में रोजमर्रा की तरह खेती का काम कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के विद्युत प्रवाहित नंगे और लटकते तार की चपेट में वह आ गए। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
2026 में अब तक दर्जनों किसानों की जा चुकी है जान
जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली के जर्जर और लटकते तारों से होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
चौंकाने वाला आंकड़ा
स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में करीब एक दर्जन (12) किसानों की बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो चुकी है।
विद्युत विभाग की नाकामी
बार-बार की जा रही शिकायतों के बावजूद जर्जर तारों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान अपने ही खेतों में मौत के साए में काम करने को मजबूर हैं।
प्रशासन और विद्युत विभाग पर उठे गंभीर सवाल
आखिर कब जागेगा बिजली विभाग? क्या किसानों की जान की कोई कीमत नहीं है?
ग्रामीणों और किसान संगठनों ने इस घटना के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
जर्जर तारों की मरम्मत क्यों नहीं? ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में सालों पुराने और ढीले तारों को समय रहते क्यों नहीं बदला जा रहा?
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया जाता?
मुआवजे और कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने विभाग की लापरवाही के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। यदि समय रहते ग्रामीण इलाकों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और भी बेकसूर किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।
