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विदेशों में कामगारों का सुरक्षित प्रवासन कराया जाना सरकार की प्राथमिकता 


न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : नियोजन भवन स्थित, प्रतिबिंब सभागार में सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग अंतर्गत क्रियान्वित निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण के निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो, श्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो, पटना द्वारा एक दिवसीय प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) प्रशिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य 

कार्यशाला का उद्देश्य विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले कामगारों को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रवास के लिए प्रशिक्षित करने हेतु प्रशिक्षकों को आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना था। कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में नियोजन एवं प्रशिक्षण के निदेशक, श्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें तथा राज्य के आर्थिक विकास में सहचर की भूमिका निभा सकें।

उन्होंने सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं को निर्देश देते हुए कहा कि विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली नियोक्ता एजेंसियों के साथ समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे युवाओं को सुरक्षित एवं पारदर्शी माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। कार्यशाला के दौरान निदेशालय, नियोजन पक्ष के अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षकों को प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) के उद्देश्यों एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विदेश में रोजगार के लिए चयनित अभ्यर्थियों को प्रस्थान से पूर्व दी जाने वाली आवश्यक जानकारियों, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों, कार्यस्थल पर अधिकार एवं दायित्व, संबंधित देश के स्थानीय कानूनों, श्रम नियमों, संस्कृति एवं सामाजिक रीति-रिवाजों से अवगत कराने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों को ई-माइग्रेंट पोर्टल एवं विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के उपयोग, प्रशिक्षक एवं संस्थान के रूप में लॉग-इन प्रक्रिया, श्रमिकों का पंजीकरण, डाटा एंट्री एवं बैच मैनेजमेंट की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए आवश्यक दस्तावेजों, आपातकालीन संपर्क नंबर, भारतीय दूतावास की भूमिका तथा सहायता प्राप्त करने के लिए उपलब्ध पोर्टल्स के उपयोग के संबंध में भी प्रशिक्षकों को जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षकों को बताया गया कि विदेश जाने वाले श्रमिकों को संबंधित देश के कानूनों, श्रम नियमों एवं सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षकों को सक्षम बनाया गया, ताकि वे विदेश में रोजगार के इच्छुक कामगारों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सफल प्रवास के लिए बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (नियोजन), श्रीमती प्रियंका कुमारी, उप निदेशक (नियोजन), श्री श्याम प्रकाश शुक्ला, उप निदेशक (नियोजन) श्री अश्वजीत कुमार परासर, के साथ विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं सभी जिलों के नियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे।



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