न्यूज 11 भारत, बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत के समीप कोसी नदी में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के शिकार का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दो मछुआरों के जाल में डॉल्फिन फंस गई, जिसके बाद उसे नाव पर लादकर ले जाया गया और उसका तेल निकालने का प्रयास किया गया। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया।
वीडियो सामने आने के बाद वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में वन विभाग की संयुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से मृत डॉल्फिन भी बरामद नहीं हो सकी।
वन विभाग की रेंज ऑफिसर वीरेंद्र राय ने बताया कि शुक्रवार को मामले की सूचना संज्ञान में आई थी। इसके बाद तत्काल टीम को घटनास्थल पर भेजा गया, लेकिन नदी क्षेत्र और पानी अधिक होने के कारण वाहन वहां तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद से लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी या मृत डॉल्फिन अब तक बरामद नहीं हुई है। सोमवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे वीरेंद्र मुखिया की तलाश में वन विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। विभाग ने कोसी नदी क्षेत्र में डॉल्फिन के संरक्षण और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि गांगेय डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। वर्ष 2009 में इसे राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा दिया गया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत इसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसका शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
डॉल्फिन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे नदी के स्वास्थ्य का जैव-संकेतक भी माना जाता है। ऐसे में डॉल्फिन का शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि कोसी नदी के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा माना जाता है।
फिलहाल वन विभाग वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटा है। मृत डॉल्फिन की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
