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कैमूर में कार से निकली शराब, ग्रामीणों ने पुलिस के सामने ही मचाई लूट



बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है।

न्यूज11 भारत/पटना डेस्क: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन शराब तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के दसौती गांव के पास की है, जहां एक चलती कार में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि कार में शराब की खेप रखी हुई थी। पकड़े जाने के डर से तस्करों ने कार को सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में धकेल दिया और मौके से फरार हो गए। लेकिन जब पुलिस ग्रामीणों की मदद से कार को बाहर निकलवा रही थी, तभी कार से शराब के पैकेट पानी में तैरने लगे। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों के बीच शराब लूटने की होड़ मच गई। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही कई लोग शराब के पैकेट लेकर भागते नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। ताजा मामला मोहनिया थाना क्षेत्र के दसौती गांव के समीप का है, जहां शराब तस्करी से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

प्रत्यक्षदर्शी आनंद सिंह के अनुसार, सड़क से गुजर रही हरियाणा नंबर की एक सफेद कार में अचानक आग लग गई। कार में सवार लोगों ने पुलिस की गिरफ्त में आने और पकड़े जाने के डर से आनन-फानन में शराब की एक बोतल निकाली और कार को धक्का देकर सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में पलट दिया। इसके बाद कार सवार सभी लोग पास के नहर वाले रास्ते से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही मोहनिया थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पानी में डूबी कार को बाहर निकलवाने लगे। इसी दौरान कार के अगले हिस्से से भारी मात्रा में फ्रूटी पैक शराब के पैकेट पानी में गिरकर तैरने लगे। शराब के पैकेट देखते ही वहां मौजूद लोगों की नीयत बदल गई और देखते ही देखते लूटने की होड़ मच गई।

हैरानी की बात यह रही कि कार निकालने में मदद कर रहे और मौके पर तमाशबीन बने कई लोग पानी में कूद पड़े। कोई शराब के पैकेट अपने हाथों में भरने लगा तो कोई कपड़ों में छिपाकर मौके से भागता दिखाई दिया। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिसका वीडियो अब सामने आया है।

मौके पर मौजूद पीटीसी पुलिस अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि एक कार में आग लगने के बाद उसे पानी में धकेल दिया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को बाहर निकलवाया, जहां से शराब बरामद हुई। हालांकि, कार सवार लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बची हुई शराब को जब्त कर मोहनिया थाने पहुंचाया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, मोहनिया थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का कहना है कि ग्रामीणों ने शराब उठाई थी, लेकिन उसे वापस ले लिया गया है और कोई भी व्यक्ति शराब लेकर फरार नहीं हुआ है।

लेकिन सवाल यह है कि अगर शराब वापस ले ली गई थी, तो फिर सामने आए वीडियो में कई लोग शराब के पैकेट लेकर भागते हुए क्यों दिखाई दे रहे हैं? आखिर पुलिस की मौजूदगी में इस तरह शराब की लूट कैसे होती रही? और क्या शराबबंदी कानून का पालन सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?

अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और शराब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कब तक हो पाता है।

 





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