न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (अस्मित,पटना) गंगा और उसकी सहायक नदियों में सफर करने वाले यात्रियों और स्नानार्थियों की सुरक्षा को लेकर दानापुर अनुमंडल प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। लगातार बढ़ती भीड़ और नाव दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए दानापुर के एसडीएम (SDM) अनिरुद्ध पाण्डेय ने तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस नए आदेश के तहत अब नदियों में मनमानी करने वाले नाविकों पर कानूनी नकेल कसी जाएगी।
अंधेरे में नहीं चलेंगी नावें: सूर्योदय और सूर्यास्त को लेकर कड़े नियम
प्रशासन ने सबसे बड़ा प्रतिबंध नावों के परिचालन के समय को लेकर लगाया है। नए आदेश के मुताबिक, अब सूर्यास्त होने के बाद (रात के समय) और सूर्योदय होने से पहले (तड़के सुबह) किसी भी प्रकार की नाव या मोटरबोट को नदी में उतारने की सख्त मनाही होगी। अक्सर कम रोशनी या अंधेरे के कारण होने वाले हादसों को टालने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ओवरलोडिंग और बिना रजिस्ट्रेशन वाली नावों पर ‘फुल स्टॉप’
अक्सर देखा जाता है कि कमाई के चक्कर में क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर बैठा लिया जाता है, जो बड़े हादसों की मुख्य वजह बनता है। प्रशासन ने अब साफ कर दिया है कि ओवरलोडेड नावों को तुरंत जब्त किया जाएगा। इसके अलावा, जिन नावों का आधिकारिक निबंधन (रजिस्ट्रेशन) नहीं हुआ है, उनके पानी में उतरने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
14 जून तक चौबीसों घंटे लागू रहेगा आदेश
दानापुर अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी नदी घाटों पर यह आदेश आगामी 14 जून की रात तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार घाटों पर गश्त करेंगी ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करने वाली सुरक्षित नावों पर ही सफर करें।
