टेलीग्राम पर NEET का नकली पेपर और लाखों की डील! मुजफ्फरपुर में SIT का बड़ा एक्शन, 4 और जालसाज गिरफ्तार
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (चंद्र प्रकाश, मुजफ्फरपुर) देशभर में नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जारी चर्चाओं के बीच, बिहार की मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक बहुत बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने टेलीग्राम ऐप के जरिए छात्रों और उनके पेरेंट्स को नीट का नकली प्रश्न पत्र बेचने के नाम पर लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह पर शिकंजा कसा है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 4 और सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है, जिसके बाद इस रैकेट में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या अब 5 हो गई है।
चॉकलेट फैक्ट्री के पास किराए के कमरे से चल रहा था खेल
धोखाधड़ी का यह पूरा नेटवर्क सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से ऑपरेट किया जा रहा था। दरअसल, बीते 2 मई 2026 को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि बालूघाट (वार्ड नंबर-17) में एक चॉकलेट फैक्ट्री के पास किराए के मकान में कुछ लोग फर्जी क्वेश्चन पेपर तैयार करने के खेल में जुटे हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जब वहां रेड डाली, तो मौके से मुख्य सरगना मनीष झा (निवासी- जजुआार, मुजफ्फरपुर) को गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसके पास से 4 मोबाइल और 1 लैपटॉप जब्त हुआ था, जिसके बाद सिकंदरपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT
नीट परीक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी (SSP) के आदेश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस हाई-प्रोफाइल टीम की कमान नगर पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) को सौंपी गई, जिसमें जिला आसूचना इकाई (DIU) और सिकंदरपुर थाने की पुलिस को भी शामिल किया गया।
फोरेंसिक टीम की मदद, खंगाले जा रहे हैं मोबाइल चैट
तकनीकी और जमीनी इनपुट के आधार पर इस SIT ने अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए गिरोह के 4 अन्य शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मुख्य आरोपी मनीष झा की गिरफ्तारी के बाद से ही एसआईटी लगातार इस नेटवर्क को ट्रैक कर रही थी।
एसएसपी के मुताबिक, पकड़े गए नए आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस अब इन फोन्स के डेटा और टेलीग्राम चैट्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस गैंग ने अब तक कितने छात्रों और अभिभावकों को अपना शिकार बनाया है। इस मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच की कड़ियां जहां तक जुड़ेंगी, वहां तक कार्रवाई की जाएगी और गिरोह में शामिल किसी भी अन्य आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल सभी का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
