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डीप फेक से एक करोड़ की ठगी


चंद्र प्रकाश/न्यूज़11 भारत 
मुजफ्फरपुर/डेस्क:
आधुनिक तकनीक AI और डीपफेक का इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मुजफ्फरपुर के अपराधियों ने पटना के एक बड़े होटल व्यवसायी को हनीट्रैप में फंसाकर उनसे करीब 97 लाख रुपये वसूल लिए. हालांकि, पीड़ित व्यवसायी की सूझबूझ और मुजफ्फरपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण रंगदारी की आखिरी किस्त के ₹20 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस ने मामले में दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही  है.

महिला मित्र संग मिलकर रची साजिश
नगर डीएसपी विनीत सिन्हा ने बताया कि SKMCH गेट संख्या दो के सामने रहने वाले राकेश कुमार के पुत्र अभिषेक कुमार ने अपनी महिला मित्र  और चार दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया. अभिषेक ने अपनी महिला मित्र के सहयोग से व्यवसायी के कुछ फोटो हासिल किए और फिर AI व डीपफेक तकनीक के जरिए उनके अश्लील वीडियो और फोटो तैयार कर लिए. इसके बाद इन फर्जी वीडियो को व्यवसायी को भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू किया गया. धमकी दी गई कि यदि 1 करोड़ नहीं मिले तो वीडियो वायरल कर उनके पूरे परिवार को झूठे केस में फंसा दिया जाएगा.

तीन शहरों में चार बार में वसूले ₹97 लाख
इज्जत और बदनामी के डर से व्यवसायी ने अपने कुछ परिचितों से भारी कर्ज लेकर ब्लैकमेलर्स को रुपये देने शुरू किए. अपराधियों ने अलग-अलग तीन दिनों में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पटना में बुलाकर चार किस्तों में कुल 97 लाख रुपये वसूले. व्यवसायी मूल रूप से सीतामढ़ी के रहने वाले हैं और पटना में उनका होटल का बड़ा कारोबार है.

₹10,000 के ट्रैकर ने खोला राज
जब पहली किस्त के 30 लाख देने के बाद भी ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई और आरोपी लगातार पैसों की मांग करते रहे, तो व्यवसायी ने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी. इसके बाद शातिरों को दबोचने के लिए एक अचूक प्लानिंग की गई. व्यवसायी ने बाजार से 10,000 में एक इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकर खरीदा. 15 जुलाई की रात को जब 20 लाख की आखिरी खेप सौंपनी थी, तब व्यवसायी ने चालाकी से नोटों के एक बंडल के बीच में उस ट्रैकर को छुपा दिया.

लोकेशन का पीछा कर पुलिस ने मारा छापा
जैसे ही आरोपी रुपये लेकर निकले, व्यवसायी ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. पुलिस टीम ने ट्रैकर की लाइव लोकेशन का पीछा करते हुए अहियापुर थाना क्षेत्र के चिन्हित घर (मास्टरमाइंड अभिषेक के आवास) पर छापेमारी की. वहां से पुलिस ने 20 लाख नगद और बैग बरामद कर लिया. हालांकि, पुलिस को चकमा देकर मुख्य आरोपी अभिषेक मौके से फरार होने में कामयाब रहा.

आयकर विभाग को दी गई सूचना
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद की गई 20 लाख की भारी रकम के बारे में आयकर विभाग  को भी सूचित कर दिया गया है. रंगदारी में वसूले गए शेष 77 लाख रुपये मुख्य आरोपी अभिषेक के अन्य साथियों के पास हैं, जिनकी बरामदगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस सुरक्षा कारणों से पीड़ित व्यवसायी की पहचान गुप्त रख रही है.

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