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पटना DTO में 547 वाहनों का फर्जी निबंधन, सरकार ने उठाया यह कदम



पटना के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में वाहन निबंधन से जुड़ी बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है।

न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क: पटना के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में वाहन निबंधन से जुड़ी बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। BS-3 और BS-4 श्रेणी के वाहनों की बैकलॉग एंट्री और अप्रूवल में नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप विभागीय जांच में प्रमाणित पाए गए हैं। 

इस मामले में तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) अजय कुमार ठाकुर पर सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने उनकी वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

DTO के लॉगिन से 547 वाहनों को मिला अप्रूवल

विभागीय जांच में सामने आया है कि तत्कालीन DTO अजय कुमार ठाकुर के लॉगिन आईडी से BS-3 और BS-4 श्रेणी के वाहनों की बैकलॉग एंट्री और निबंधन प्रक्रिया में अनियमितता हुई थी। विभागीय आरोपों के मुताबिक, उनके लॉगिन से पांच वाहनों की बैकलॉग एंट्री की गई, जबकि 547 वाहनों को अप्रूवल दिया गया।

आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में फर्जी मनी रसीदों का इस्तेमाल किया गया। विभाग ने इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली अनियमितता माना। अधिकारी पर यह भी आरोप था कि उनकी प्रशासनिक चूक के कारण कार्यालय के कर्मचारियों ने उनके लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल किया, जिससे वाहन निबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

2021 में शुरू हुई कार्रवाई

इस मामले में विभाग ने एक सितंबर 2021 को तत्कालीन DTO अजय कुमार ठाकुर से स्पष्टीकरण मांगा था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद सात अक्टूबर 2021 को उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया।

मामले की जांच के लिए मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। लंबी विभागीय प्रक्रिया के बाद सात मई 2026 को जांच प्रतिवेदन सौंपा गया। जांच रिपोर्ट में अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित पाया गया।

BPSC की सहमति के बाद सरकार का बड़ा एक्शन

जांच रिपोर्ट के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अजय कुमार ठाकुर की वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड निर्धारित किया। इस कार्रवाई पर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की भी सहमति प्राप्त की गई।

इसके बाद राज्य सरकार ने 29 अक्टूबर को इस संबंध में आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया। फिलहाल अजय कुमार ठाकुर अररिया में अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) के पद पर तैनात हैं।





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