बिहार के शिक्षा मंत्री ने BPSC TRE-4 को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान! जाने कब तक जारी हो सकता है नोटिफिकेशन
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-4) को लेकर जहां एक तरफ अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन जारी है, वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस पूरे मामले पर अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। शिक्षा मंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों को सीधे तौर पर आश्वस्त किया है कि उन्हें घबराने या सड़कों पर उतरने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि वे अपनी पूरी ऊर्जा पढ़ाई पर लगाएं।
‘छात्र हमारे जिगर के टुकड़े हैं, उनकी फिक्र सरकार को है’
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए बेहद भावुक और भरोसा जगाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा, “बिहार के तमाम छात्र हमारे जिगर के टुकड़े हैं। उन्हें अपनी परीक्षा और भविष्य की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनके हक की चिंता करने के लिए खुद सूबे की सरकार बैठी है।” मंत्री ने साफ किया कि उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि योग्य अभ्यर्थियों को सिर्फ अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
अगले 5 साल तक हर वर्ष आएगी शिक्षकों की वैकेंसी
शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार के विजन को साफ करते हुए शिक्षा मंत्री ने एक और बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई थी। इस बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है कि राज्य में अब हर साल बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष नियमित रूप से नियुक्तियां निकालकर युवाओं को रोजगार देना है।
जुलाई में आएगा TRE-4 का फाइनल कैलेंडर, शिक्षा मंत्री ने की पढ़ने की अपील
आंदोलनकारी छात्रों के संशय को दूर करते हुए शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी जुलाई महीने में TRE-4 शिक्षक भर्ती का पूरा टाइम-टेबल और शेड्यूल आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं, क्योंकि बिहार ज्ञान की भूमि है और स्कूलों की सूरत बदलने के लिए राज्य को बेहतरीन शिक्षकों की जरूरत है।
‘कुछ लोग छात्रों को आगे कर चमका रहे हैं अपनी राजनीति’
इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने आंदोलन को हवा दे रहे लोगों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग छात्रों को आगे करके प्रदर्शन करवा रहे हैं, उन्हें खुद कोई परीक्षा नहीं देनी है। वे सिर्फ छात्रों के कंधों का इस्तेमाल करके अपनी फ्लॉप होती राजनीति को चमकाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे ‘नेताओं’ से छात्रों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर क्यों हैं शिक्षा मंत्री? खुद बताई इनसाइड स्टोरी
एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान मिथिलेश तिवारी ने अपने दो दिनों के दिल्ली प्रवास का मुख्य उद्देश्य भी बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर ‘नवाचार’ (इन्नोवेशन) लागू करना है। इसके लिए वे नीति आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। साथ ही, देश के अन्य राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे बेहतरीन मॉडल्स और व्यवस्थाओं की गहराई से स्टडी की जा रही है ताकि बिहार के स्कूलों को भी नेशनल लेवल पर चमकाया जा सके।
