मधुबनी रेलवे स्टेशन पर थर्राए लोग! खड़ी ट्रेन की बोगी में अचानक लगी भीषण आग, जानिए कैसे टल गया एक बहुत बड़ा हादसा
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की तड़के सुबह एक बड़ा रेल हादसा देखने को मिला। यहाँ प्लेटफॉर्म पर खड़ी जयनगर-उधना अंत्योदय एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या) के एक जनरल डिब्बे में अचानक भयानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों ने पूरी बोगी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्टेशन परिसर में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
यार्ड में खड़ी थी वीकली ट्रेन, वरना हो सकता था बड़ा हादसा
रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह एक साप्ताहिक (वीकली) ट्रेन थी जो पूरी तरह खाली थी। इसे मेंटेनेंस और सफाई के काम के लिए स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ा किया गया था। इस ट्रेन को गुरुवार की रात 11:50 बजे जयनगर से उधना (गुजरात) के लिए प्रस्थान करना था और शनिवार सुबह 9:35 बजे अपनी मंजिल पर पहुंचना था। कोच में किसी भी यात्री के न होने की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान को नुकसान नहीं पहुंचा।
शॉर्ट सर्किट का शक: दमकल के पहुंचने से पहले ही खाक हो गया डिब्बा
शुरुआती इनपुट के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि बोगी में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है। तड़के सुबह बोगी से अचानक काला धुआं और तेज लपटें उठती देख स्टेशन पर मौजूद रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक पूरा जनरल कोच जलकर राख हो चुका था। फायर फाइटर्स ने काफी मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पाया।
स्पेशल ट्रेन से पहुंचे समस्तीपुर के डीआरएम, सुरक्षा में चूक की होगी जांच
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा एक विशेष ट्रेन से सीधे मधुबनी स्टेशन पहुंचे। उन्होंने दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। डीआरएम ने साफ किया कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई, इसकी गहराई से जांच की जाएगी।
पांच विभागों की संयुक्त टीम करेगी जांच, डीआरएम ने लिया ग्राउंड फीडबैक
इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि आग लगने की सही वजहों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है। इसमें रेलवे के पांच प्रमुख विभागों—सुरक्षा (Safety), आरपीएफ (RPF), इलेक्ट्रिकल, ऑपरेशन्स और सिक्योरिटी के विशेषज्ञ अधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि टीम ने ग्राउंड पर मौजूद चश्मदीदों, आम जनता और ऑन-ड्यूटी रेल कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और हर एंगल से मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
