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बिहार में जल्द शुरू होगी स्व-जनगणना, जानें घर-घर गिनती और 40 सवालों की पूरी डिटेल



बिहार में 10 जनवरी से स्व-जनगणना की शुरुआत की जाएगी।

न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क 
साकेत कुमार/पटना:
बिहार में 10 जनवरी से स्व-जनगणना की शुरुआत की जाएगी। इस दैरान 15 दिनों तक खुद ऑनलाइन जनगणना का फॉर्म भर सकेंगे। जनगणना 2027 के दूसरे चरण में इस बार 40 सवाल पूछे जाएंगे। 10 जनवरी से सेल्फ एन्यूमरेशन शुरू होगा, जबकि घर-घर जाकर आबादी की गिनती की प्रक्रिया जनवरी से फरवरी तक चलेगी।

डेढ़ महीने चलेगी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया

देश में होने वाली जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया इस बार पहले के मुकाबले काफी लंबी होगी। यह प्रक्रिया करीब डेढ़ महीने तक चलेगी। इसमें 15 दिनों का स्व-गणना यानी सेल्फ एन्यूमरेशन का समय भी शामिल है। इस चरण में लोगों से जाति समेत कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि 2011 की जनगणना में सवालों की संख्या 29 थी। यानी इस बार 11 नए सवाल जोड़े गए हैं।

28 फरवरी तक चलेगा जनसंख्या गणना का यह चरण

जनसंख्या गणना का यह चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। वहीं, पहले की जनगणनाओं में यह प्रक्रिया आमतौर पर 9 से 28 फरवरी के बीच महज 20 दिनों में पूरी की जाती थी। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर (अगली घोषणा तक), गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, लद्दाख, तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के हिमपात प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर शेष सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का कार्य किया जाएगा।

35 दिनों का होगा यह कार्यक्रम 

अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले राज्यों में जनगणना का कार्यक्रम पहले रखा गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना का कार्यक्रम 35 दिनों का होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, देशभर में जनगणना 25 जनवरी से 27 फरवरी 2027 के बीच कराई जाएगी। हालांकि, कुछ राज्यों और क्षेत्रों के लिए अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। मणिपुर में फिलहाल जनगणना की घोषणा नहीं की गई है। राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया पहले कराने की मांग के बाद जनगणना का काम रोक दिया गया था।

जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवाल 

  •     जाति से संबंधित जानकारी
  •     पति या पत्नी का नाम
  •     माता और पिता से जुड़ी जानकारी
  •     व्यक्ति की घोषित राष्ट्रीयता
  •     स्थायी पता
  •     कोविड-19 टीकाकरण की जगह
  •     कुल बैंक खातों की संख्या
  •     मोबाइल नंबर
  •     आधार नंबर
  •     मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) नंबर
  •     पासपोर्ट नंबर
  •     ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता

मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी की जानकारी उपलब्ध होने पर शेयर की जा सकती है। वहीं, पासपोर्ट नंबर केवल भारतीय पासपोर्ट धारकों से मांगा जाएगा। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जिसमें 62.32 करोड़ पुरुषों और 58.75 करोड़ महिलाओं सहित 1.21 अरब आबादी होने की बात कही गई थी। देश में उस समय 24.95 करोड़ परिवार थे।

मणिपुर में अभी जनगणना नहीं

मणिपुर को जनगणना के मौजूदा कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। राज्य में विभिन्न वर्गों की ओर से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया कराने की मांग उठाई गई थी। इसके बाद वहां जनगणना की प्रक्रिया रोक दी गई। केंद्र सरकार की अधिसूचना में भी मणिपुर को फिलहाल बाहर रखा गया है। इसके अलावा लद्दाख और हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनगणना का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।





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