न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने राजधानी पटना और गंगा तट के विकास को पर्यटन, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर दिया।
संकल्प सभागार, लोक सेवक आवास, पटना में जल संसाधन विभाग (सिंचाई विभाग) की समीक्षात्मक बैठक की।
बैठक में मुख्य निर्देश दिए:-
▪️पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक पहचान के पुनर्स्थापन हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
▪️जे.पी. गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र के रूप में… pic.twitter.com/8KjLUCkHRk
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 13, 2026
मरीन ड्राइव बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र
जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को राज्य के प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से पटना को नई पहचान देने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
एक लाख पौधारोपण का रखा गया लक्ष्य
हरित और पर्यावरण अनुकूल विकास को बढ़ावा देने के लिए जेपी गंगा पथ के किनारे एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके जरिए राजधानी के पर्यावरण को बेहतर बनाने और हरित क्षेत्र का विस्तार करने की योजना है।
कुर्जी घाट से कालीघाट तक बनेगी विकास योजना
मुख्यमंत्री ने कुर्जी घाट से कालीघाट तक गंगा तट के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया जाएगा।
उद्यान विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
राजधानी में उद्यान विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्कों और उद्यानों को आधुनिक स्वरूप देकर उन्हें प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
15 जून से पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित होगा पटना एयरपोर्ट
बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पटना एयरपोर्ट 15 जून से पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित एयरपोर्ट बन जाएगा। इसके साथ ही पटना एयरपोर्ट देश के 94 ग्रीन एयरपोर्ट की सूची में शामिल हो गया है।
सौर ऊर्जा से हर महीने बन रही 90 हजार यूनिट बिजली
एयरपोर्ट परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से हर महीने करीब 90 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे एयरपोर्ट प्रशासन को प्रतिमाह लगभग नौ लाख रुपये की बचत हो रही है और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
12 वर्षों में चार गुना बढ़े यात्री
पिछले 12 वर्षों के दौरान पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कार्गो परिवहन में 169 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो एयरपोर्ट की बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है।
नए टर्मिनल से बढ़ी क्षमता और सुविधाएं
नए टर्मिनल भवन और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से पटना एयरपोर्ट की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में हासिल यह उपलब्धि न केवल बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाती है, बल्कि राज्य के लिए गर्व का विषय भी बन गई है।
