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सरकारी पार्सल वैन से 40 लाख की विदेशी शराब जब्त



त्योहारों के मद्देनजर लखीसराय जिले में उत्पाद विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क 
सरफराज आलम/लखीसराय:
एक तरफ पूरा बिहार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर अहिंसा, नशामुक्त समाज और राज्य में लागू ‘पूर्ण शराबबंदी’ का संकल्प दोहरा रहा था, वहीं दूसरी तरफ शराब माफिया कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने के लिए सरकारी व्यवस्था का ही इस्तेमाल कर रहे थे। 

लखीसराय जिले की उत्पाद विभाग की टीम ने एक बार फिर शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए सरकारी डाक पार्सल वैन से करीब 40 लाख रुपये मूल्य की अवैध विदेशी शराब की खेप बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य तस्कर को भी रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

उत्पाद विभाग ने तोड़ी शराब माफियाओं की कमर

त्योहारों के मद्देनजर लखीसराय जिले में उत्पाद विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस ताबड़तोड़ छापेमारी ने शराब सिंडिकेट की कमर तोड़कर रख दी है। लखीसराय के उत्पाद अधीक्षक दीपक कुमार सिंह ने इस बड़ी कामयाबी की पुष्टि करते हुए बताया।

“आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए जिले की उत्पाद विभाग टीम शराब माफियाओं और अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ लगातार सघन छापेमारी अभियान चला रही है। इसी कड़ी में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सरकारी डाक पार्सल वैन से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की गई है और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। शराब तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई थमने वाली नहीं है, आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।”

सरकारी डाक वैन से करोड़ों की शराब:
पूर्ण शराबबंदी पर ‘यक्ष प्रश्न’

हैरानी और चिंता की बात यह है कि चंद ही दिनों के भीतर यह लगातार दूसरा मामला है जब बिहार में डाक विभाग की आड़ लेकर शराब की इतनी बड़ी खेप ठिकाने लगाने की कोशिश की गई है। अब तक सरकारी डाक पार्सल वैन के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध शराब बरामद की जा चुकी है।

जिस डाक व्यवस्था पर आम जनता का अटूट भरोसा होता है और जिसकी आड़ में गाड़ियों की जांच अक्सर धीमी या कम होती है, माफिया उसी का इस्तेमाल अपना ‘कवच’ बनाकर कर रहे हैं। गांधी जयंती जैसे पवित्र दिन पर इतनी बड़ी बरामदगी राज्य में जारी ‘पूर्ण शराबबंदी’ की जमीनी हकीकत पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है:

आखिर कैसे सरकारी वाहनों का इस्तेमाल अंतरराज्यीय तस्करी के लिए हो रहा है?
क्या डाक विभाग के भीतर भी शराब माफियाओं की सांठगांठ फैली हुई है?

फिलहाल उत्पाद विभाग की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई से शराब तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ कर नेटवर्क के आकाओं तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।

बाइट-दीपक कुमार सिंह,उत्पाद अधीक्षक,लखीसराय





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