न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात हुए हंगामे और तोड़फोड़ की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के अचानक किसी स्टेशन पर पहुंचने की स्थिति में अब संबंधित रूट पर जरूरत पड़ने पर ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ (TOD) सेवा शुरू की जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के तहत महज आधे घंटे के भीतर अतिरिक्त ट्रेन चलाने का निर्णय लिया जा सकेगा, जिससे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और भीड़ प्रबंधन आसान होगा। पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, सभी रेल मंडलों में विशेष रैक उपलब्ध रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त ट्रेन चलाई जा सके। रविवार को दानापुर मंडल से 15 विशेष ट्रेनों का संचालन भी इसी उद्देश्य से किया जा रहा है।
हाईलाइट्स –
- पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुए हंगामे के बाद रेलवे ने लिया बड़ा फैसला।
- जरुरत पड़ने पर 30 मिनट के भीतर चलाई जाएगी ट्रेन ऑन डिमांड (TOD)।
- दानापुर मंडल से परीक्षार्थियों के लिए 15 विशेष ट्रेनों का संचालन।
- फोटो और वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू।
- रेलवे एक्ट के तहत एफआईआर और सख्त कार्रवाई की तैयारी।
- पुलिस के अनुसार भीड़ में शामिल 200-250 असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ा माहौल।
- स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर आंसू गैस, हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज करना पड़ा।
उपद्रवियों की पहचान में जुटा प्रशासन, होगी सख्त कार्रवाई
पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई हिंसा और अव्यवस्था को लेकर रेलवे और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के दौरान पथराव में पटना रेंज के आईजी समेत कई पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और रेल सेवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की, उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि अधिकांश छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी यात्रा करना चाहते थे, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।
करीब दो घंटे तक चला हंगामा, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा के मुताबिक, स्टेशन परिसर में मौजूद अधिकांश अभ्यर्थी शांत थे, लेकिन भीड़ में शामिल करीब 200 से 250 उपद्रवी लगातार स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन करीब दो घंटे तक हंगामा जारी रहा। रेल एसपी अशोक कुमार ने बताया कि उस समय सीमांचल एक्सप्रेस और मधुबनी स्पेशल पहले से प्लेटफॉर्म पर मौजूद थीं, जबकि अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था भी की जा रही थी। प्रदर्शन के बाद रेलवे ने एक घंटे के भीतर विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा कर दी और रात 2:10 बजे ट्रेन स्टेशन पर पहुंच गई। बावजूद इसके कुछ लोग ट्रैक पर बैठकर विरोध करते रहे। हालात बेकाबू होने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने, हवाई फायरिंग करने और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
