अयोध्या के बाद देश की दूसरी और बिहार की सबसे बड़ी दीपावली का गवाह बनने जा रहा है मुंगेर का कल्याणपुर।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
रोहित कुमार/मुंगेर: अयोध्या के बाद देश की दूसरी और बिहार की सबसे बड़ी दीपावली का गवाह बनने जा रहा है मुंगेर का कल्याणपुर। यहां एक साथ 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाकर मां बड़ी दुर्गा महारानी का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। इस ऐतिहासिक दीपोत्सव का शुभारंभ करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 7 नवंबर को मुंगेर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के स्वागत और भव्य दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। जिले के आला अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का जायजा ले रहे हैं।
दरअसल मुंगेर जिले के कल्याणपुर की धरती एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। मां बड़ी दुर्गा महारानी की आस्था और भक्ति के बीच यहां 7 नवंबर को दीपों का ऐसा महासंगम देखने को मिलेगा, जिसकी रोशनी पूरे बिहार का ध्यान अपनी ओर खींचेगी। इस बार दीपावली के अवसर पर कल्याणपुर में 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, अयोध्या के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े और बिहार के सबसे भव्य दीपोत्सव के रूप में इस आयोजन की तैयारी की जा रही है।
इस खास आयोजन में शामिल होने और दीपोत्सव का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार 7 तारीक को शाम 3:40 बजे कल्याणपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह आगमन कल्याणपुर के लोगों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र है।मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले के आला अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि अपनी मिट्टी के सपूत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के स्वागत के लिए पूरा कल्याणपुर तैयार है। गंगा तट की पावन धरती पर लाखों दीपों की रोशनी और मां बड़ी दुर्गा महारानी की भक्ति का यह संगम मुंगेर के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रहा है।अब सबकी निगाहें 7 नवंबर पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में कल्याणपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। आस्था, परंपरा और भव्यता के इस संगम के साथ मुंगेर एक ऐतिहासिक दीपोत्सव का साक्षी बनने जा रहा है।
