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बिहार में घरेलू विवाद ने लिया खूनी रूप, 35 वर्षीय युवक की मौत; दो गिरफ्तार


न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/सहरसा:
जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र के बालू टोला वार्ड नंबर-09 में गुरुवार देर शाम घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मारपीट और चाकू, कचिया व दबिया से हमला किए जाने की घटना में 35 वर्षीय नितिश कुमार महतो की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

मृतक की पहचान राजिंद्र महतो के पुत्र नितिश कुमार महतो, निवासी बालू टोला वार्ड नंबर-09, नवहट्टा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नितिश मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

बताया गया कि गुरुवार देर शाम घर में घरेलू विवाद को लेकर कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मिथुन के परिवार के करीब छह लोगों ने नितिश समेत अन्य लोगों पर चाकू, कचिया और दबिया से हमला कर दिया। हमले में नितिश के छाती, पेट और हाथ में गंभीर चोटें आईं। उसे तत्काल नवहट्टा पीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना में लिलम देवी, शंकर महतो और चंपा देवी भी घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही नवहट्टा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सहरसा के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान एवं छापेमारी टीम गठित की गई। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने महज तीन घंटे के अंदर हत्या कांड का उद्भेदन करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

शुक्रवार को सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक घटना के संबंध में धर्मेन्द्र कुमार के फर्दबयान के आधार पर नवहट्टा थाना कांड संख्या-206/2026 दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिथुन महतो, पिता-ननूलाल महतो तथा नूतलाल महतो, पिता-बेचन महतो, दोनों निवासी बालू टोला वार्ड नंबर-09, थाना नवहट्टा, जिला सहरसा के रूप में हुई है।

छापेमारी टीम में पुअनि-सह-थानाध्यक्ष राहुल कुमार समेत नवहट्टा थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।

वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस समय पर मौके पर पहुंचती तो शायद नितिश की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस आरोप की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



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