Voice of Eastern India

पुलिस के डर से गंडक नदी में कूदा युवक, डूबने से मौत; पुलिस पर धमकी देने का आरोप



बेगूसराय में पुलिस के डर से भागने के दौरान एक व्यक्ति की गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई।

न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क 
पवन बंधु सिन्हा/बेगूसराय:
बेगूसराय में एक बड़ी घटना सामने आई है। इस घटना मे पुलिस के डर से भागने के दौरान एक व्यक्ति की गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। इस मौत के बाद जम कर बवाल मच गया। घटना डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर कटरमाला गांव की है। 

आरोप है कि पुलिस से बचने के लिए नदी में कूदे मृतक को बचाने की जगह पुलिस वालों ने पानी से सर बाहर निकालने पर गोली मारने की धमकी दी। जिसके कारण युवक सर बाहर नहीं निकाल सका और उसकी मौत पानी मे डुबने से हो गई। 

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सड़क जाम कर जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना है की अगर पुलिस के डर से कोई पानी मे कूद गया तो पुलिस का काम बचाना है ना की उसे मरने के लिए छोड़ देना है।

हालांकि पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। पूरा मामला बेगूसराय जिले के डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर कटरमाला गांव का है। मृतक की पहचान राजोपुर कटरमाला वार्ड संख्या दो के निवासी राम रतन यादव के पुत्र धर्मेंद्र यादव के रूप मे हुई है।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मृतक मारपीट से जुड़े एक मामले में आरोपी था। आरोप है कि डंडारी थाना की पुलिस गश्ती के दौरान कटरमाला गांव पहुंची थी। इसी दौरान एक स्थान पर कुछ लोगों के जमा होने की बात सामने आई। पुलिस को देखकर कुछ लोग वहां से भागने लगे, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए युवक गंडक नदी में कूद गया। परिजनों का आरोप है कि नदी में डूब रहे युवक को बचाने के लिए पुलिस की ओर से कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया गया। इसके उलट, युवक को पानी से सिर बाहर निकालने पर गोली मारने की धमकी दी गई।

आरोप है कि इस भय के कारण युवक पानी से सिर बाहर नहीं निकाल सका और उसकी डूबने से मौत हो गई। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

बाद में युवक का शव नदी से निकाला गया। घटना की खबर गांव में फैलते ही लोगों का आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। इससे सड़क पर आवागमन बाधित हो गया।

बाद में आवश्यक आश्वासन मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया और मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।

फिलहाल, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान किन परिस्थितियों में युवक की जान गई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

 





Source link

Leave A Reply

Your email address will not be published.