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बिहार में खुलेगा NSD का कैंपस, 38 जिलों में 3 हजार बच्चों को मिल रही कला की ट्रेनिंग: प्रमोद चंद्रवंशी


न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
विजय शेखर सिंह/पटना:
बिहार के कला संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने अपने विभाग की उपलब्धियों को गिनवाते हुए कहा कि सबसे बड़ी खुशखबरी बिहार के कलाकारों के लिए है। लंबे समय से बिहार के कलाकारों की मांग थी कि बिहार में भी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा यानी NSD का कैंपस खोला जाए।

जब मैं मंत्री बना तो कलाकारों ने मुझसे मिलकर यह मांग रखी। मैंने इस बात को माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखा और विभाग की ओर से केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा गया। मुख्यमंत्री जी ने इसकी सहमति दे दी है और केंद्र सरकार ने भी बिहार में NSD का कैंपस खोलने पर सहमति दी है।

इसके लिए मैं बिहार के कलाकारों की ओर से केंद्रीय नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देता हूं। इसके अलावा बिहार सरकार आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से राज्य के सभी 38 जिलों में करीब 3 हजार बच्चों को कला की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दे रही है। 

शास्त्रीय गायन, कथक, भरतनाट्यम, तबला, ढोलक, हारमोनियम सहित अलग-अलग विधाओं में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम किया जा रहा है। मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी की ओर से रामचरितमानस पर आधारित 108 मीटर लंबी मिथिला पेंटिंग बनाई गई, जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह बिहार के कलाकारों, युवाओं और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है।

हमने करीब 240 सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार किया है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों में समय-समय पर आयोजित हो रहे हैं। 

इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए किसी पास या शुल्क की आवश्यकता नहीं है। कला प्रेमी इन उत्सवों में जाकर कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं। इसी तरह ‘शुक्र गुलजार’ हर महीने के दूसरे शुक्रवार को और हर महीने के चौथे शनिवार को आयोजित किया जाता है, जहां कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री कल्याण कलाकार पेंशन योजना के माध्यम से ऐसे कलाकारों को भी आर्थिक सहायता देने का काम किया जा रहा है, जिन्होंने अपना जीवन कला के क्षेत्र में समर्पित किया है और अब उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें सहयोग की जरूरत है। 

हमारा उद्देश्य है कि बिहार की कला, संस्कृति और कलाकारों को एक मजबूत मंच मिले और उनकी प्रतिभा को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाए।

 



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